आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के बाइज्जत बरी होने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा ‘आप’ को निशाना बनाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ: भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 27 फरवरी 2026:

भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ ‘आप’ नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और अन्य के खिलाफ आबकारी नीति मामले में अदालत द्वारा आरोप खारिज किए जाने से पार्टी के रुख पर दृढ़ मुहर लगी है। पार्टी लगातार यह कहती रही है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां विपक्षी राजनीतिक दलों को निशाना बनाने के लिए केंद्र सरकार की कठपुतली बनकर काम कर रही हैं।

एक वीडियो संदेश में भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि अदालत ने अरविंद केजरीवाल और 23 अन्य लोगों को बरी कर दिया है, जिनके खिलाफ सीबीआई ने गलत तरीके से मामला दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि यह केस केंद्र सरकार द्वारा आम आदमी पार्टी, जो अपने अच्छे कार्यों के दम पर देशभर में अपना आधार बढ़ा रही है, को रोकने का एक निराशाजनक प्रयास था। उन्होंने कहा कि अदालत का यह आदेश इस बात का प्रमाण है कि अंधेरी रात चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो, अंततः समाप्त होती है और हमेशा सत्य और प्रकाश की जीत होती है।

अरविंद केजरीवाल और पार्टी के लिए प्रार्थना करने वाले लोगों का धन्यवाद करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह आम लोगों की दुआओं का ही चमत्कार है कि ये ईमानदार नेता आज बाइज्जत बरी हुए हैं। अदालत के आदेश ने सीबीआई के कामकाज पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जो अपने आकाओं के हाथों की कठपुतली बनकर काम कर रही है। इससे लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए केंद्र में सत्तारूढ़ लोगों द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का पर्दाफाश हुआ है।

दिल्ली में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में केवल चुनाव जीतने के लिए, आम आदमी पार्टी की पूरी शीर्ष नेतृत्व को भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने सलाखों के पीछे डाल दिया था। आज के अदालत के फैसले ने साबित कर दिया है कि अरविंद केजरीवाल एक ईमानदार व्यक्ति हैं, जो केवल सत्य के मार्ग पर चलते हैं और लोगों के दिलों पर राज करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप’ का हर स्वयंसेवक केवल जनता की सेवा के लिए राजनीति में आया है, क्योंकि आर्थिक दृष्टि से वे पहले ही अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छी कमाई कर रहे थे।

परंपरागत राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये दल आम आदमी पार्टी से ईर्ष्या करते हैं क्योंकि वह हमेशा आम आदमी के कल्याण का एजेंडा लेकर चलती है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस और भाजपा अपने-अपने सत्ता काल में रोटेशन के आधार पर सत्ता का आनंद लेते हुए और एक-दूसरे के हितों की रक्षा करते हुए दोस्ताना मैच खेलती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने बारी-बारी से देश और उसके लोगों को जमकर लूटा है।

उन्होंने आगे कहा कि यह “गंदा नाटक” उस समय बंद हो गया जब आम आदमी पार्टी ने देश की राजनीति के केंद्र में कदम रखा, जिसे ये दल कभी नहीं चाहते थे। जो भी व्यक्ति भ्रष्टाचार और इन दलों के कथित घिनौने कारनामों के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे इनकी प्रतिशोध की राजनीति का सामना करना पड़ता है और बिना कारण जेलों में डाल दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट लोग, जिनकी जड़ें हर ओर फैली हुई हैं, ईमानदार लोगों को निशाना बनाकर उन पर झूठे मुकदमे दर्ज करते हैं।

भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह लोगों से वोट मांगने के बजाय वोटों का अपना डेटाबेस बनाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की चाल है। जनता के सामने हाथ जोड़कर वोट मांगने के बजाय, केंद्र सरकार ने ऐसी रणनीति बनाई है जिसमें इन मतदाताओं का उपयोग किसी भी राज्य में अपनी पार्टी की जीत के लिए हेरफेर करने में किया जाता है। यह देश, इसके लोगों और यहां तक कि लोकतंत्र के लिए भी बेहद घातक है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायक भी केंद्र के इस व्यवहार से नाराज होते।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधी चुनौती देते हुए उन्होंने कहा, “यदि आप शासन करना चाहते हैं तो अपने कार्यों से लोगों का दिल जीतिए, न कि ऐसी संकीर्ण चालें चलिए। देश में शिक्षा, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में सुधार करने के बजाय भाजपा नफरत और विभाजन के अपने एजेंडे को बढ़ावा दे रही है। लोकतांत्रिक ढांचे के माध्यम से चुने गए ये तानाशाह अपने राजनीतिक विरोधियों में असहमति और लालच पैदा कर चुनाव चिह्न फ्रीज करते हैं और फिर चुनावों में हेरफेर करते हैं।”

उन्होंने कहा, “हर देशभक्त चाहता है कि उसका देश अग्रणी बने और मोदी-शाह की जोड़ी की हेरफेर का गवाह न बने। केंद्र द्वारा देश चलाने के तरीकों पर हर ईमानदार नागरिक आपत्ति जताता है। उन्हें अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटना बंद करना चाहिए, क्योंकि यह देशहित में नहीं है।”

अंत में भगवंत सिंह मान ने कहा, “एक गुलदस्ते में अनेक प्रकार के फूल होते हैं, जो लोगों को आकर्षित करते हैं। विभिन्न फूल आंखों को सुकून देते हैं और लोग उन्हें देखने के लिए एकत्र होते हैं, लेकिन यदि केवल एक ही प्रकार का फूल हो तो एकरसता पैदा होती है। इसी प्रकार, देश की प्रगति के लिए समाज में सभी धर्मों का सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व अत्यंत आवश्यक है।”

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से दिल्ली की तस्वीर बदल दी। जब आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में सत्ता संभाली थी तब वार्षिक बजट 30,000 करोड़ रुपये था, जबकि ‘आप’ शासन के अंतर्गत दिल्ली का अंतिम बजट 66,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लोगों को मुफ्त बिजली, विश्वस्तरीय स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक और अन्य अनेक सुविधाएं प्रदान करने में प्रत्येक रुपये का सोच-समझकर उपयोग किया गया।

उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल देश के लिए रोए थे क्योंकि देश की स्थिति हर गुजरते दिन के साथ बदतर होती जा रही है। एक ईमानदार व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। आज भारत को वर्तमान चुनौतियों से बाहर निकालने के लिए केवल देशभक्ति के इंजन की आवश्यकता है। सत्ता में बैठे लोग डबल इंजन या ट्रिपल इंजन सरकारों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है।”

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