
नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2026
देश की राजधानी में आज एक ऐसी राजनीतिक हलचल देखने को मिली जिसने विपक्षी खेमे में हड़कंप मचा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद *राघव चड्ढा* सहित पार्टी के *7 अन्य राज्यसभा सदस्यों* ने अचानक भाजपा मुख्यालय पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस बड़े फेरबदल को आगामी चुनावों से पहले ‘आप’ के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
### *पार्टी के भीतर असंतोष या बड़ी रणनीति?*
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर कुछ निर्णयों को लेकर मतभेद की खबरें आ रही थीं। भाजपा में शामिल होने के बाद एक संक्षिप्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने संकेत दिया कि वे प्रधानमंत्री मोदी के विजन और विकास कार्यों से प्रभावित होकर यह कदम उठा रहे हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस कदम को “लोकतंत्र की हत्या” और “दबाव की राजनीति” करार दिया है।
### *इन सांसदों ने बदली अपनी निष्ठा:*
भाजपा का दामन थामने वाले सदस्यों में राघव चड्ढा के साथ निम्नलिखित प्रमुख नाम शामिल हैं:
* *संदीप पाठक*
* *स्वाति मालीवाल*
* *अशोक मित्तल*
* *हरभजन सिंह*
* *विक्रमजीत सिंह साहनी*
* *राजेंद्र गुप्ता*
इस दलबदल के बाद राज्यसभा में समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जिससे सत्ताधारी दल को महत्वपूर्ण बिल पास कराने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
### *विपक्ष का पलटवार*
आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जनता के जनादेश के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के डर और प्रलोभन के जरिए उनके सांसदों को तोड़ा गया है।
—
*मुख्य बिंदु:*
* *राघव चड्ढा* और 7 अन्य सांसदों का ‘आप’ से इस्तीफा।
* *दिल्ली* भाजपा मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ली सदस्यता।
* राज्यसभा में *भाजपा* की ताकत में भारी इजाफा।
* *विपक्ष* ने दलबदल को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा।

