NEET Paper Leak 2026: शशि थरूर ने सरकार को घेरा
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। NEET Paper Leak 2026 मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “पूरी एक पीढ़ी के साथ विश्वासघात” करार दिया है।
थरूर का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताएं लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य पर सवाल खड़े कर रही हैं।
‘परीक्षा प्रणाली पर भरोसा खत्म हो रहा है’
तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बातचीत के दौरान शशि थरूर ने कहा कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन जब परीक्षा पेपर लीक होने, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ियों की खबरें सामने आती हैं तो पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है।
उन्होंने कहा कि कई बार परीक्षाएं रद्द करनी पड़ती हैं और छात्रों को दोबारा तैयारी करनी पड़ती है, जो मानसिक और आर्थिक रूप से भारी पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय परीक्षाओं से की तुलना
कांग्रेस सांसद ने भारत की परीक्षा व्यवस्था की तुलना अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से की।
उनका कहना था कि:
- SAT जैसी परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित होती हैं।
- कैम्ब्रिज और अन्य वैश्विक परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहती है।
- भारत में बार-बार पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें सामने आती हैं।
थरूर ने सवाल उठाया कि आखिर राष्ट्रीय परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने में सरकारी एजेंसियां बार-बार क्यों असफल हो रही हैं।
सरकार और NTA को ठहराया जिम्मेदार
NEET Paper Leak 2026 विवाद पर थरूर ने सीधे केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि:
- सरकार को जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
- परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
- ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए।
थरूर ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, लेकिन यह आखिरी बार होना चाहिए।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज
पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्र संगठनों का विरोध तेज हो गया है।
मुख्य मांगें:
- निष्पक्ष जांच
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
- परीक्षा प्रणाली में सुधार
- छात्रों को न्याय
दिल्ली समेत कई शहरों में छात्रों और संगठनों ने प्रदर्शन किए हैं।
CBI जांच में क्या हुआ?
मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है।
अब तक:
- कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
- पेपर लीक नेटवर्क की जांच जारी है।
- डिजिटल और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
विवाद और अनियमितताओं के आरोपों के बाद परीक्षा को पुनर्निर्धारित कर दिया गया है।
नई परीक्षा तिथि:
21 जून 2026
इस फैसले का उद्देश्य प्रभावित छात्रों को निष्पक्ष अवसर देना बताया गया है।
हालांकि कई छात्र संगठन अब भी पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
NEET विवाद का व्यापक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहतीं।
इसके प्रभाव:
- छात्रों का मनोबल टूटता है
- परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कम होता है
- करियर योजना प्रभावित होती है
- शिक्षा संस्थानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं
भारत में हर साल लाखों छात्र NEET परीक्षा में शामिल होते हैं, इसलिए ऐसी घटनाओं का असर राष्ट्रीय स्तर पर महसूस किया जाता है।
निष्कर्ष
NEET Paper Leak 2026 विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। शशि थरूर के बयान ने राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को और गर्मा दिया है। अब सभी की नजर CBI जांच, सरकार की कार्रवाई और 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा पर टिकी हुई है।
FAQ
Q1. NEET Paper Leak 2026 क्या है?
यह NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और प्रशासनिक अनियमितताओं का मामला है।
Q2. शशि थरूर ने क्या कहा?
उन्होंने इसे पूरी एक पीढ़ी के साथ विश्वासघात बताते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
Q3. मामले की जांच कौन कर रहा है?
इस मामले की जांच CBI कर रही है।
Q4. परीक्षा कब होगी?
पुनर्निर्धारित परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
Q5. छात्रों की मुख्य मांग क्या है?
निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार।
