लखनऊ अग्निकांड: अलीगंज की इमारत में भीषण आग, 15 लोगों की मौत; पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

Lucknow Fire Tragedy

लखनऊ अग्निकांड: भीषण आग में 15 लोगों की मौत, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

अलीगंज में व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया इलाके में स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।


15 लोगों की मौत, ज्यादातर युवा छात्र

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अनुसार इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि मृतकों में अधिकांश 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवा छात्र थे, जो घटना के समय इमारत के अंदर मौजूद थे।

धुएं से भरे कमरों और वॉशरूम में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल ने घंटों तक अभियान चलाया।


जान बचाने के लिए इमारत से कूदे छात्र

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए इमारत की ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि:

“करीब सात से आठ छात्र जान बचाने के लिए इमारत से कूद गए थे, जबकि कई अन्य अंदर फंसे होने की आशंका थी।”

घटना के वीडियो और तस्वीरों में लोगों को धुएं और आग के बीच बाहर निकलने की कोशिश करते देखा गया।


बड़े स्तर पर चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही कई एजेंसियां मौके पर पहुंचीं।

बचाव अभियान में शामिल टीमें

  • फायर ब्रिगेड
  • पुलिस
  • NDRF
  • SDRF
  • सिविल डिफेंस

आग बुझाने के लिए 14 दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया, जिनमें हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाहन भी शामिल थे।

अस्पतालों, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया।


अंतिम फोन कॉल ने बयां किया अंदर का खौफ

घटना के दौरान फंसे एक युवक ने अपने भाई को फोन कर बताया कि कई लोग वॉशरूम में फंसे हुए हैं।

उसके भाई शकील ने बताया:

“उसने कहा था कि पांच-छह लोग बाथरूम में बंद हैं। इसके बाद संपर्क टूट गया।”

यह घटना अंदर मौजूद लोगों की भयावह स्थिति को दर्शाती है।


इमारत में क्या चल रहा था?

शुरुआती रिपोर्टों में इसे कोचिंग सेंटर बताया गया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत में:

  • ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप थी।
  • ऊपरी मंजिलों पर गेमिंग, एनिमेशन और सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था।

पशु प्रेमियों के अनुसार पेट शॉप में कुछ जानवर भी रखे गए थे। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने जानवरों को सुरक्षित निकाला गया।


पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से सहायता राशि देने की घोषणा की।

मुआवजा

  • मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख
  • घायलों को ₹50,000

प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।


मुख्यमंत्री योगी ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने घटना की जानकारी मिलते ही अपना कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया और लखनऊ लौटने का फैसला किया।

उन्होंने:

  • डीजीपी
  • अपर मुख्य सचिव (गृह)

को घटनास्थल का दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


हादसे की होगी विस्तृत जांच

आग पर पूरी तरह काबू पाने और कूलिंग ऑपरेशन समाप्त होने के बाद विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।

जांच में निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी
  • अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन
  • आपातकालीन निकास व्यवस्था
  • भवन की सुरक्षा मंजूरी

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है।


निष्कर्ष

लखनऊ अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। 15 लोगों की मौत के साथ यह हाल के वर्षों की सबसे दर्दनाक अग्नि दुर्घटनाओं में से एक बन गई है।

यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि क्या व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी।


FAQ

लखनऊ आग हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

आग कहां लगी थी?

अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में।

इमारत में क्या संचालित हो रहा था?

ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और ऊपर एनिमेशन व गेमिंग ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था।

पीएम मोदी ने कितना मुआवजा घोषित किया?

मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000।

क्या घटना की जांच होगी?

हाँ, उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

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