Prosus India ने FY26 में $781 मिलियन की कमाई की, पहली बार EBITDA में मुनाफा

Prosus India FY26 revenue growth driven by PayU fintech business

टेक निवेशक Prosus ने भारत में वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का भारतीय कारोबार $781 मिलियन के राजस्व तक पहुंच गया और सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उसका Adjusted EBITDA पहली बार मुनाफे में आ गया।

इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान कंपनी के फिनटेक प्लेटफॉर्म PayU का रहा, जिसने पेमेंट और लेंडिंग दोनों कारोबार में मजबूत वृद्धि दर्ज की।


FY26 में Prosus India का प्रदर्शन

Prosus की FY26 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार भारत में उसके डिजिटल इकोसिस्टम का राजस्व 13% बढ़कर $781 मिलियन पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष FY25 में यह आंकड़ा $694 मिलियन था।

कंपनी का Adjusted EBITDA $18 मिलियन के मुनाफे में रहा, जबकि FY25 में उसे $25 मिलियन का घाटा हुआ था।

इसके अलावा कंपनी का Adjusted EBIT घाटा भी घटकर $10 मिलियन रह गया, जो पिछले वर्ष $49 मिलियन था।

FY26 के दौरान Prosus India में 3,897 कर्मचारी कार्यरत रहे।


राजस्व और मुनाफे में सुधार

FY26 में कंपनी की वित्तीय स्थिति कई मायनों में मजबूत हुई।

मुख्य आंकड़े:

  • राजस्व: $781 मिलियन
  • सालाना वृद्धि: 13%
  • Adjusted EBITDA: $18 मिलियन का मुनाफा
  • Adjusted EBIT घाटा: $10 मिलियन
  • कुल कर्मचारी: 3,897

ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी केवल विस्तार ही नहीं कर रही, बल्कि लाभप्रदता की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।


PayU बना सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन

पेमेंट बिजनेस में मजबूत बढ़त

Prosus की सफलता का सबसे बड़ा आधार PayU रहा।

FY26 में PayU के पेमेंट कारोबार से $577 मिलियन का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% अधिक है।

कंपनी के Value Added Services (VAS) और SaaS कारोबार ने कुल पेमेंट राजस्व का 33% हिस्सा दिया, जिससे मुनाफे का मार्जिन बेहतर हुआ।

FY26 के दौरान PayU ने $90 बिलियन का Total Payment Volume (TPV) प्रोसेस किया।


क्रेडिट बिजनेस भी हुआ लाभ में

PayU का लोन कारोबार भी FY26 में लाभदायक बन गया।

मुख्य उपलब्धियां:

  • क्रेडिट राजस्व: $204 मिलियन
  • सालाना वृद्धि: 19%
  • Adjusted EBITDA: $6 मिलियन का मुनाफा
  • नए लोन वितरण: $221 मिलियन

कंपनी वर्तमान में लगभग $682 मिलियन की Assets Under Management (AUM) भी संभाल रही है।

Prosus के अनुसार, PayU भारत के ऑनलाइन पेमेंट उद्योग के कुल राजस्व का लगभग 25% हिस्सा रखता है।


अन्य पोर्टफोलियो कंपनियों की भूमिका

Prosus अपने विभिन्न निवेशों को एक मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम के रूप में विकसित कर रहा है।

FY26 में:

  • PayU ने Swiggy के क्रेडिट कार्ड भुगतान का बड़ा हिस्सा प्रोसेस किया।
  • Meesho के साथ मर्चेंट और कंज्यूमर लेंडिंग का विस्तार किया।
  • साझेदारी के तहत $2.1 मिलियन के लोन जारी किए।
  • ixigo के लिए $1.5 मिलियन UPI GMV प्रोसेस किया।
  • Swiggy के लगभग $5 मिलियन GMV का भी प्रोसेसिंग किया।

निवेश और रणनीतिक विस्तार

Prosus ने FY26 के दौरान कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

  • बैंकिंग पेमेंट टेक कंपनी Mindgate में हिस्सेदारी बढ़ाकर 70.7% की।
  • Rapido में निवेश जारी रखा।
  • Meesho, Urban Company, Swiggy और ixigo में निवेश बरकरार रखा।

इसी दौरान Meesho, Urban Company और BlueStone ने IPO पूरे किए, जबकि Prosus ने Swiggy में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 22.31% कर दी।


इसका क्या मतलब है?

FY26 के नतीजे बताते हैं कि Prosus अब केवल निवेशक नहीं बल्कि भारत में एक मजबूत डिजिटल बिजनेस इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।

PayU की बढ़ती लाभप्रदता और विभिन्न कंपनियों के बीच सहयोग भविष्य में कंपनी के लिए नए राजस्व स्रोत खोल सकते हैं।


निष्कर्ष

FY26 Prosus India के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। कंपनी ने $781 मिलियन का राजस्व दर्ज किया और पहली बार Adjusted EBITDA में मुनाफा हासिल किया।

PayU की मजबूत ग्रोथ, बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और पोर्टफोलियो कंपनियों के बीच बढ़ते सहयोग ने Prosus को भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थिति दिलाई है।


FAQ

1. FY26 में Prosus India का राजस्व कितना रहा?

FY26 में Prosus India का राजस्व $781 मिलियन रहा।

2. क्या Prosus India मुनाफे में पहुंच गया?

हाँ, कंपनी ने Adjusted EBITDA में $18 मिलियन का मुनाफा दर्ज किया।

3. Prosus की ग्रोथ का सबसे बड़ा कारण क्या रहा?

PayU का पेमेंट और क्रेडिट कारोबार कंपनी की ग्रोथ का सबसे बड़ा कारण रहा।

4. PayU ने FY26 में कितना TPV प्रोसेस किया?

लगभग $90 बिलियन का Total Payment Volume प्रोसेस किया।

5. Prosus किन भारतीय कंपनियों में निवेश करता है?

Swiggy, Meesho, Urban Company, Rapido, ixigo और अन्य स्टार्टअप्स में।


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