
16 अप्रैल 2026
बिहार के राजनीतिक इतिहास में बुधवार का दिन एक नए अध्याय की शुरुआत लेकर आया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने पटना स्थित लोक भवन में बिहार के *पहले भाजपा मुख्यमंत्री* के रूप में शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
### *प्रमुख बिंदु (Key Highlights):*
* *नया नेतृत्व:* सम्राट चौधरी (57 वर्ष) अब बिहार की कमान संभालेंगे। वह इससे पहले नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री की भूमिका निभा रहे थे।
* *दो उप-मुख्यमंत्री:* जेडीयू (JD-U) के वरिष्ठ नेता *विजय कुमार चौधरी* और *बिजेंद्र प्रसाद यादव* ने मंत्री पद की शपथ ली और वे राज्य के नए उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
* *नीतीश कुमार का इस्तीफा:* रिकॉर्ड 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार ने मंगलवार (14 अप्रैल) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
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### *नीतीश कुमार के युग का अंत*
नीतीश कुमार ने लगभग *21 वर्षों* तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहकर शासन किया। उनके इस्तीफे के साथ ही बिहार में ‘सुशासन’ के एक लंबे दौर का समापन हुआ है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होंगे और पिछले सप्ताह ही उन्हें *राज्यसभा सदस्य* के रूप में चुना गया है।
इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी और ट्वीट कर कहा:
> “अब नई सरकार बिहार के कार्यों की देखरेख करेगी। इस सरकार को मेरा पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त रहेगा।”
### *सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर*
सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना भाजपा के लिए बिहार में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
1. *पृष्ठभूमि:* वह 2017 में जेडीयू छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
2. *अनुभव:* वह बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और राज्य सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाल चुके हैं।
3. *रणनीति:* 2025 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के सबसे बड़े दल (89 सीटें) के रूप में उभरने के बाद से ही उनके नेतृत्व को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
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### *आगे की चुनौतियां और संभावनाएं*
नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में विकास कार्यों की गति को बनाए रखना और गठबंधन (NDA) के भीतर समन्वय बिठाना होगा। विपक्ष के नेता *तेजस्वी यादव* ने इस बदलाव पर तंज कसते हुए इसे दिल्ली से संचालित सरकार बताया है।
*निष्कर्ष:*
बिहार अब ‘पोस्ट-नीतीश’ युग में प्रवेश कर चुका है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भाजपा पहली बार बिहार में ड्राइविंग सीट पर है, जिससे राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा में बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है।