दिन में सस्ती बिजली उपलब्ध होने के बावजूद सरकार रात में महंगी बिजली खरीदकर निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रही है

चंडीगढ़, 24 अप्रैल

भारतीय जनता पार्टी के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में बिजली ढांचे की मरम्मत के नाम पर भीषण गर्मी के दौरान आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा की जा रही बिजली कटौती बेहद खराब प्रबंधन का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एक तरफ बिजली बोर्ड का नियमित चेयरमैन नहीं है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान और बिजली मंत्री निवेश के नाम पर विदेश दौरे पर हैं, जिससे पंजाब बिना नेतृत्व के छोड़ दिया गया है और लोग भीषण गर्मी में झुलसने को मजबूर हैं।

सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने लिखा:
“अंधेर नगरी, चौपट राजा! अब जब गर्मी का मौसम आ गया है तो बिजली ढांचे की मरम्मत के नाम पर पूरे पंजाब की बिजली बंद कर दी गई। क्या यह काम फरवरी या मार्च में नहीं किया जा सकता था? जब बिजली निगम का नियमित चेयरमैन ही नहीं है तो फैसले कौन करेगा? सौर ऊर्जा उपलब्ध होने के कारण दिन में जब बिजली सस्ती मिलती है, उस समय लोगों को बिजली नहीं दी जा रही। आम जनजीवन से लेकर व्यापार और उद्योग तक हर कोई आम आदमी पार्टी सरकार की बिजली कटौती से परेशान है। मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर हैं। क्या यही आपका शासन मॉडल है, भगवंत मान जी?”

जाखड़ ने आगे कहा कि पहले कभी भी इस तरह के बड़े मरम्मत कार्य के लिए भीषण गर्मी का समय नहीं चुना गया। उन्होंने कहा कि बोर्ड का चेयरमैन एक तकनीकी विशेषज्ञ (टेक्नोक्रेट) होना चाहिए, लेकिन सरकार ने अपने पसंदीदा आईएएस अधिकारी को यह पद दे रखा है, जिसके पास कई अन्य जिम्मेदारियां भी हैं और वह पटियाला स्थित कार्यालय में नियमित रूप से नहीं आता। इससे बिजली निगम में निर्णय लेने की प्रक्रिया ठप हो गई है और मंत्री के माध्यम से पूरा नियंत्रण दिल्ली से चलाया जा रहा है, जिसका खामियाजा पंजाब के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि दिन के समय सौर ऊर्जा के कारण सस्ती बिजली उपलब्ध हो सकती है, लेकिन उसी समय बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे हर नागरिक, व्यापार और उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिन में बिजली की औसत कीमत ₹1.50 से ₹2 प्रति यूनिट होती है, जबकि रात में वही बिजली लगभग ₹10 प्रति यूनिट पर खरीदनी पड़ती है। दिन में बिजली कटौती के कारण उद्योगों को रात में काम करना पड़ता है, जिससे निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है और उद्योग भी परेशान हैं।

इसके अलावा, बिजली कटौती के कारण लोगों द्वारा लगाए गए सोलर यूनिट भी प्रभावी ढंग से बिजली उत्पन्न नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि वे ग्रिड से जुड़े हुए हैं।

जाखड़ ने कहा कि पंजाब के लोग इस स्थिति को सह तो रहे हैं, लेकिन अपने मन में सरकार के कामकाज को दर्ज कर रहे हैं और मतदान के समय इसे याद रखेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे पंजाब के लोगों की ओर ध्यान दें और सरकार को चाहिए कि किसी वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ को बिजली निगम का चेयरमैन नियुक्त करे तथा बिजली आपूर्ति को नियमित बनाया जाए।

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