Flight Schedule Cut 2026: जून में घरेलू उड़ानों में 7% गिरावट, ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस पर असर

भारत में Domestic Flight Cuts के कारण एयरपोर्ट पर कम होती उड़ानें

जून में घटेंगी घरेलू उड़ानें

भारत में एयर ट्रैवल सेक्टर पर अब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और महंगे ईंधन का सीधा असर दिखाई देने लगा है।

ताजा शेड्यूल के मुताबिक जून 2026 में देशभर में Domestic Flight Cuts देखने को मिल सकती हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार घरेलू उड़ानों की संख्या में करीब 7% तक गिरावट आने का अनुमान है।

पिछले साल जून 2025 में भारतीय एयरलाइंस ने लगभग 22,220 घरेलू उड़ानें संचालित की थीं, जबकि इस साल जून में यह संख्या घटकर करीब 20,670 रह सकती है।

यह गिरावट एयरलाइन कंपनियों के बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च और एविएशन फ्यूल की कीमतों में तेजी के कारण हो रही है।

ईंधन महंगा होने का असर

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने एविएशन सेक्टर पर भारी दबाव डाल दिया है।

एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की लागत बढ़ने से एयरलाइंस को उड़ान संचालन महंगा पड़ रहा है।

इसके चलते कई कंपनियां कम डिमांड वाले रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटा रही हैं ताकि लागत को नियंत्रित किया जा सके।

अगर यही स्थिति जारी रही, तो आने वाले महीनों में टिकट कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

किन एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा असर?

जून 2026 के शेड्यूल के अनुसार देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर घरेलू उड़ानों में कमी दर्ज की जाएगी।

सबसे ज्यादा असर हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई और अहमदाबाद एयरपोर्ट पर देखने को मिल सकता है।

विमानन विश्लेषण फर्म सीरियम (Cirium) के आंकड़ों के अनुसार कई प्रमुख एयरलाइंस ने अपनी घरेलू सेवाओं में कटौती की है।

हैदराबाद एयरपोर्ट में सबसे बड़ी गिरावट

GMR Group द्वारा संचालित हैदराबाद एयरपोर्ट पर सबसे बड़ी गिरावट दर्ज होने की संभावना है।

रिपोर्ट के मुताबिक जून में यहां साप्ताहिक घरेलू उड़ानों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 371 कम रह सकती है।

हैदराबाद एयरपोर्ट आंकड़े

  • जून 2025 – 10,791 घरेलू उड़ानें
  • जून 2026 अनुमान – 10,420 घरेलू उड़ानें

यह गिरावट दर्शाती है कि एयरलाइंस लागत कम करने के लिए अपने नेटवर्क को फिर से संतुलित कर रही हैं।

मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद भी प्रभावित

Adani Group द्वारा संचालित मुंबई एयरपोर्ट पर भी असर साफ दिखाई देगा।

प्रमुख एयरपोर्ट्स पर अनुमानित गिरावट

  • मुंबई एयरपोर्ट – 253 साप्ताहिक उड़ानें कम
  • अहमदाबाद एयरपोर्ट – 111 उड़ानें कम
  • बेंगलुरु एयरपोर्ट – 293 उड़ानें कम
  • गोवा मोपा एयरपोर्ट – 106 उड़ानें कम

Fairfax Financial Holdings समर्थित बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी घरेलू उड़ानों में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

इसके अलावा गोवा के मोपा एयरपोर्ट पर भी उड़ानों की संख्या कम होने का अनुमान है।

Akasa Air बनी अपवाद

जहां अधिकांश एयरलाइंस उड़ानों में कटौती कर रही हैं, वहीं Akasa Air घरेलू संचालन बढ़ाने वाली एकमात्र बड़ी एयरलाइन बनकर उभरी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी जून 2026 में पिछले साल की तुलना में 11% ज्यादा घरेलू उड़ानें संचालित करेगी।

Akasa Air करीब 1,099 साप्ताहिक घरेलू उड़ानों के संचालन की तैयारी कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी इस मौके का फायदा उठाकर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?

Domestic Flight Cuts का असर यात्रियों पर भी पड़ सकता है।

कम उड़ानों के कारण टिकट कीमतें बढ़ सकती हैं और कई रूट्स पर सीट उपलब्धता घट सकती है।

छुट्टियों और बिजनेस ट्रैवल सीजन के दौरान यात्रियों को एडवांस बुकिंग करनी पड़ सकती है।

इसके अलावा एयरलाइंस कम लाभ वाले सेक्टर्स में सेवाएं सीमित कर सकती हैं।

Conclusion

भारत का एविएशन सेक्टर इस समय बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक तनाव के दबाव से गुजर रहा है।

जून 2026 में घरेलू उड़ानों में संभावित 7% गिरावट इस बात का संकेत है कि एयरलाइंस लागत नियंत्रण के लिए बड़े कदम उठा रही हैं।

हालांकि Akasa Air जैसे कुछ खिलाड़ी विस्तार कर रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर उद्योग चुनौतीपूर्ण दौर में दिखाई दे रहा है।

अगर कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो आने वाले महीनों में हवाई किराए और उड़ानों दोनों पर और असर देखने को मिल सकता है।

FAQ Section

जून 2026 में घरेलू उड़ानें क्यों घट रही हैं?

बढ़ती ईंधन कीमतों और पश्चिम एशिया तनाव के कारण एयरलाइंस लागत कम करने के लिए उड़ानें घटा रही हैं।

घरेलू उड़ानों में कितनी गिरावट का अनुमान है?

जून 2026 में करीब 7% गिरावट का अनुमान है।

सबसे ज्यादा असर किस एयरपोर्ट पर होगा?

हैदराबाद एयरपोर्ट पर सबसे बड़ी गिरावट दर्ज होने की संभावना है।

कौन सी एयरलाइन उड़ानें बढ़ा रही है?

Akasa Air जून 2026 में अपनी घरेलू उड़ानें बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

क्या हवाई किराए बढ़ सकते हैं?

हाँ, कम उड़ानों और महंगे ईंधन के कारण टिकट कीमतें बढ़ सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *