– अप्रैल महीने के दौरान रेल/सड़क/कंटेनरों के माध्यम से केवल 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की मंडियों से सीधी लिफ्टिंग की गई

चंडीगढ़, 6 मई:

अनाज भंडारण संबंधी जगह की कमी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पंजाब के खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब की मंडियों में जगह की कमी के मुख्य मुद्दे को हल करने के लिए जरूरी सहयोग नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह मुद्दा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा काफी समय से केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठाया जा रहा है।

केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को अप्रैल और मई 2026 के महीनों के दौरान अनाज की निकासी के लिए 860 विशेष रेलगाड़ियां आवंटित करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन एफसीआई द्वारा जरूरी संख्या में ये रेलें उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिसके कारण एक हफ्ते में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की भारी आमद के चलते मंडियों में फसल के ढेर लगने जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि अप्रैल के दौरान केवल 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही रेल /सड़क/कंटेनरों के माध्यम से मंडियों से सीधे लिफ्टिंग की गयी है। उन्होंने कहा कि मई 2026 की शुरुआत से अब तक अनाज की सीधी डिलीवरी के लिए रोजाना केवल तीन से पांच विशेष रेलगाड़ियां ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उपरोक्त स्थितियों के बावजूद खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले विभाग ने निर्विघ्न खरीद सीजन सुनिश्चित किया है और 122 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं की खरीद का लक्ष्य पूरा होने के करीब है।

उन्होंने बताया कि अब तक मंडियों में 121.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा है, जिसमें से 120.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।

खरीदी गई गेहूं में से कल देर शाम तक विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने 119.56 लाख मीट्रिक टन जबकि व्यापारियों ने 1,33,203.15 मीट्रिक टन खरीदा है।

विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसान भाईचारे द्वारा मेहनत से पैदा किए गए अनाज का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि वे खरीद कार्यों की समीक्षा के लिए पूरे राज्य की मंडियों का व्यक्तिगत रूप से दौरा कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्विघ्न खरीद सीजन को निपटाने में कोई दिक्कत या परेशानी न आए।

भुगतान के मामले में 29,000 करोड़ रुपये से अधिक की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की राशि पहले ही किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि खरीद सीजन को सफलतापूर्वक निपटाने के लिए 1896 खरीद केंद्र और लगभग 986 अस्थायी यार्ड स्थापित करने जैसे पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

इस मौके पर अन्य के अलावा खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले के प्रधान सचिव राहुल तिवारी, निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर, अजयवीर सिंह सराओ और जनरल मैनेजर वित्त सर्वेश कुमार उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *