आवारा कुत्तों के खतरे पर तुरंत कार्रवाई करें: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने नगर निगम आयुक्तों को दिए निर्देश

चंडीगढ़, 1 मई, 2026
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय सरकार मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज नगर निगम आयुक्तों और अतिरिक्त उपायुक्तों (जी एंड यूडी) को पूरे पंजाब में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तत्काल, समन्वित और परिणामोन्मुखी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
इस मामले को सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चिंता बताते हुए, मंत्री ने जोर दिया कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाली एक बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कुत्ते के काटने, बच्चों और बुजुर्गों पर हमलों और आवासीय क्षेत्रों में घूम रहे आक्रामक कुत्तों के झुंड ने जनता के बीच डर और असुरक्षा पैदा कर दी है।
श्री अरोड़ा ने कहा कि यह न केवल सुरक्षा का मुद्दा है, बल्कि एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम भी है, क्योंकि कुत्ते के काटने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारियाँ हो सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूल जाने वाले बच्चों का पीछा करने वाले कुत्तों के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं और चोटें लगती हैं।
मंत्री ने बताया कि व्यवस्थित नसबंदी की कमी और अनुचित कचरा प्रबंधन आवारा कुत्तों की अनियंत्रित आबादी के मुख्य कारण हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर कुत्तों को आसानी से भोजन उपलब्ध कराते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
इस मुद्दे के समाधान के लिए मंत्री द्वारा जारी मुख्य निर्देश:

* नसबंदी कार्यक्रम: आवारा कुत्तों की आबादी को मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने के लिए नसबंदी कार्यक्रमों में तेजी लाना।
* टीकाकरण अभियान: रेबीज और अन्य बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाना।
* डॉग शेल्टर: आक्रामक या घायल जानवरों के प्रबंधन के लिए डॉग शेल्टर और होल्डिंग सुविधाओं को मजबूत करना।
* कचरा प्रबंधन: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली में सुधार करना ताकि कुत्तों को भोजन के स्रोत न मिलें।
* निगरानी टीमें: जिला और शहर स्तर पर जवाबदेही तय करने के लिए समर्पित निगरानी टीमों का गठन।
* जन जागरूकता: नागरिकों को आवारा जानवरों के प्रति सुरक्षित व्यवहार और कचरे के निपटान के बारे में शिक्षित करना।

श्री अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि सभी उपाय पशु कल्याण मानदंडों के अनुसार लागू किए जाने चाहिए, जबकि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इन पहलों को ‘युद्ध स्तर’ पर चलाने के निर्देश दिए हैं और सभी अधिकारियों से 7 दिनों के भीतर विस्तृत ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ (Action Taken Report) मांगी है।
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