
नई दिल्ली
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बैंक धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपी और भगोड़े *कमलेश पारेख* को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत प्रत्यर्पित (Extradite) कर लिया है। पारेख पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित कई बैंकों के साथ करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी करने का आरोप है।
### मुख्य बिंदु:
* *प्रत्यर्पण:* आरोपी कमलेश पारेख को *1 मई, 2026* को दुबई से भारत लाया गया।
* *आरोप:* उन पर बैंकों से लिए गए फंड के हेरफेर और उसे शेल कंपनियों के जरिए विदेशों में डायवर्ट करने का गंभीर आरोप है।
* *गिरफ्तारी:* दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही CBI की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
### क्या है पूरा मामला?
कमलेश पारेख लंबे समय से भारतीय जांच एजेंसियों की रडार पर थे। जांच के अनुसार, पारेख ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से बड़े पैमाने पर ऋण (Loan) प्राप्त किया था। इस राशि का उपयोग उस उद्देश्य के लिए नहीं किया गया जिसके लिए इसे लिया गया था, बल्कि इसे अवैध तरीके से विदेशी खातों में भेज दिया गया।
जब जांच शुरू हुई, तो पारेख भारत छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद उनके खिलाफ *इंटरपोल (Interpol)* के माध्यम से ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी किया गया था।
### CBI की सक्रियता
CBI और भारतीय विदेश मंत्रालय ने यूएई के अधिकारियों के साथ मिलकर इस प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा किया। पारेख की वापसी को भारत सरकार की आर्थिक अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।
> “यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बढ़ते सहयोग का प्रमाण है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश का पैसा लूटने वाले कानून की पकड़ से बाहर न रहें।” — *CBI सूत्र*
### आगे की कार्रवाई
CBI अब पारेख को संबंधित अदालत में पेश कर उनकी रिमांड मांगेगी ताकि इस घोटाले की गहराई से जांच की जा सके और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

