Nationalist Citizens Party: 20 बागी TMC सांसदों के शामिल होते ही चर्चा में आई NCPI, जानिए पूरी कहानी

Nationalist Citizens Party में शामिल हुए 20 बागी TMC सांसदों की राजनीतिक तस्वीर।

Nationalist Citizens Party: 20 बागी TMC सांसदों के शामिल होते ही राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री

Nationalist Citizens Party क्या है?

पश्चिम बंगाल की एक अपेक्षाकृत अज्ञात राजनीतिक पार्टी Nationalist Citizens Party of India (NCPI) अचानक राष्ट्रीय राजनीति की सुर्खियों में आ गई है। इसकी वजह है तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों का इस पार्टी में विलय।

कुछ समय पहले तक यह पार्टी राजनीतिक रूप से लगभग अप्रासंगिक मानी जाती थी, लेकिन अब संसद में संभावित नई शक्ति के रूप में इसकी चर्चा हो रही है।


अचानक चर्चा में क्यों आई NCPI?

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों ने पार्टी नेतृत्व से असहमति जताते हुए अलग गुट बनाने का फैसला किया।

बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से अलग बैठने की व्यवस्था और अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता की मांग की।

इसके बाद सामने आया कि इन सांसदों ने Nationalist Citizens Party में विलय कर लिया है।

इस घटनाक्रम ने NCPI को रातोंरात राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया।


कब बनी थी Nationalist Citizens Party?

NCPI को 20 जनवरी 2023 को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा Registered Unrecognised Political Party (RUPP) के रूप में पंजीकृत किया गया था।

हालांकि पार्टी का पंजीकरण पश्चिम बंगाल में हुआ, लेकिन इसने अपना पहला चुनावी प्रयास त्रिपुरा विधानसभा चुनाव 2023 में किया।

दिलचस्प बात यह है कि पार्टी के पास सीमित संसाधन और बेहद छोटा संगठनात्मक ढांचा था।


पार्टी का नेतृत्व कौन करता है?

पार्टी के अध्यक्ष उत्तिया कुंडू हैं जबकि शेवली कुंडू को पार्टी का कोषाध्यक्ष बताया गया है।

चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार पार्टी का पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बानिपुर क्षेत्र में स्थित है।

शेवली कुंडू का नाम कुछ अन्य सामाजिक और निजी संगठनों के साथ भी जुड़ा हुआ बताया जाता है।


Tripura चुनाव में कैसा रहा प्रदर्शन?

Nationalist Citizens Party ने 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में सात सीटों पर उम्मीदवार उतारने की कोशिश की थी।

हालांकि चार उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हो गए।

अंततः पार्टी केवल दो सीटों पर चुनाव लड़ सकी:

चावमानु सीट

  • प्राप्त वोट: 536

कैलाशहर सीट

  • प्राप्त वोट: 286

दोनों सीटों को मिलाकर पार्टी को कुल 822 वोट मिले।

एक समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को 376 वोट मिले थे।

इस तरह पूरे चुनावी अभियान में पार्टी लगभग 1,200 वोटों तक ही सीमित रही।


चुनाव के बाद क्या हुआ?

त्रिपुरा में पार्टी के कई पूर्व उम्मीदवारों ने दावा किया कि चुनाव खत्म होने के बाद पार्टी नेतृत्व उनसे संपर्क में नहीं रहा।

कुछ उम्मीदवारों का कहना है कि चुनाव प्रचार बेहद सीमित था और पार्टी का मुख्य उद्देश्य केवल उम्मीदवार खड़े करना प्रतीत होता था।

चुनाव के बाद संगठन लगभग निष्क्रिय हो गया था।


पार्टी को कितना चंदा मिला?

चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार Nationalist Citizens Party को कुल लगभग 1.13 लाख रुपये का चंदा प्राप्त हुआ था।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि पार्टी का आर्थिक आधार बेहद सीमित था।

इसके बावजूद आज वही पार्टी संसद की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में दिखाई दे रही है।


TMC के 20 बागी सांसदों का NCPI में विलय

सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब हुआ जब तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने अलग गुट बनाकर NCPI में शामिल होने का फैसला किया।

यदि यह समूह औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त कर लेता है, तो संसद में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है।


राजनीतिक महत्व और भविष्य

संसद में नई चुनौती

20 सांसदों के समर्थन से NCPI को अचानक राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है।

बंगाल चुनावों पर असर

2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकता है।

संगठन विस्तार की संभावना

अब तक सीमित संसाधनों वाली पार्टी को नए सांसदों और समर्थकों के कारण संगठनात्मक मजबूती मिल सकती है।


क्या NCPI बंगाल की राजनीति बदल सकती है?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी।

हालांकि 20 सांसदों का समर्थन किसी भी छोटी पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।

अगर पार्टी संगठन को मजबूत करती है और जमीनी स्तर पर विस्तार करती है, तो आने वाले समय में यह बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


निष्कर्ष

Nationalist Citizens Party कुछ महीने पहले तक एक ऐसी पार्टी थी जिसे बहुत कम लोग जानते थे।

त्रिपुरा चुनाव में बेहद कमजोर प्रदर्शन और सीमित संसाधनों के बावजूद आज यह पार्टी राष्ट्रीय राजनीति की चर्चा का केंद्र बन चुकी है।

TMC के 20 बागी सांसदों के विलय ने NCPI को नई पहचान और नई राजनीतिक ताकत दी है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यह पार्टी संसद और पश्चिम बंगाल की राजनीति में स्थायी प्रभाव छोड़ पाएगी या नहीं।

FAQ

Nationalist Citizens Party क्या है?

यह एक Registered Unrecognised Political Party (RUPP) है जिसका पंजीकरण 2023 में हुआ था।

NCPI का गठन कब हुआ?

20 जनवरी 2023 को निर्वाचन आयोग में इसका पंजीकरण हुआ।

NCPI के अध्यक्ष कौन हैं?

उत्तिया कुंडू पार्टी के अध्यक्ष हैं।

पार्टी को कितना चंदा मिला?

चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 1.13 लाख रुपये।

NCPI चर्चा में क्यों है?

क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने इसमें विलय किया है।

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