पंजाब सरकार द्वारा आश्रित बच्चों के लिए 35.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी; 2.36 लाख से अधिक बच्चों को लाभ : डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़, 23 अप्रैल:

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा आश्रित और जरूरतमंद बच्चों के कल्याण तथा सर्वांगीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान मार्च माह के लिए पंजाब सरकार ने 35.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है, जिससे राज्य भर के 2.36 लाख से अधिक जरूरतमंद बच्चों को इस योजना का सीधा लाभ मिला है।

उन्होंने बताया कि इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 432.78 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, ताकि अधिक से अधिक आश्रित बच्चों को निरंतर वित्तीय सहायता दी जा सके।

इस संबंध में आगे जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इस योजना से लाखों आश्रित बच्चों को लाभ मिल रहा है। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अपने भविष्य से वंचित न रह जाए।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जन-हितैषी और मानवीय सोच वाली योजनाओं को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि आश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करना केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के अंतर्गत उन बच्चों को शामिल किया जाता है जिनकी आयु 21 वर्ष से कम है और जिनके माता-पिता का निधन हो चुका हो, या वे लापता हों, अथवा माता-पिता शारीरिक या मानसिक रूप से परिवार की देखभाल करने में सक्षम न हों। इस योजना के तहत दी जा रही वित्तीय सहायता से ऐसे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और उनके जीवन स्तर में सुधार करने में मदद मिलती है।

डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि पंजाब सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े हर बच्चे की देखभाल, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य एक सुरक्षित, समावेशी और प्रगतिशील पंजाब का निर्माण करना है, जहां हर बच्चे को आगे बढ़ने और अपने भविष्य का निर्माण करने के समान अवसर मिल सकें।

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