स्व-रोजगार को मजबूती: 1229 लाभार्थियों को 5.39 करोड़ की सब्सिडी सहायता

चंडीगढ़, 4 मई:

वर्तमान पंजाब सरकार ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रभावशाली कदम उठाए हैं। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में पंजाब अनुसूचित जाति भूमि विकास एवं वित्त निगम द्वारा जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।

डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक 1367 लाभार्थियों को विभिन्न स्व-रोजगार गतिविधियों के लिए 26.68 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़े हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख सहयोग प्रदान कर रही है। इसी क्रम में 1229 लाभार्थियों को 5.39 करोड़ रुपये की सब्सिडी सहायता दी गई है, जिससे अनेक परिवारों में आर्थिक मजबूती और नई आशा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।”

ये प्रयास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव की कहानियां हैं। किसी ने छोटा व्यवसाय शुरू किया, तो किसी ने अपने कौशल को रोजगार में बदला—और आज वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं। यह परिवर्तन पंजाब के गांवों और शहरों में नई उम्मीद का संदेश दे रहा है।

डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि लाभार्थियों को “हैंडहोल्डिंग सपोर्ट” के माध्यम से निरंतर मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और बाजार से जोड़ने का काम किया जा रहा है, ताकि वे लंबे समय तक सफल बने रह सकें। उन्होंने कहा कि एक परिवार की प्रगति पूरे समाज की प्रगति का आधार बनती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के सक्षम नेतृत्व में पंजाब सरकार ‘सबके लिए समावेशी विकास’ के विज़न को साकार करते हुए हर वर्ग को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। लक्ष्य यह है कि अनुसूचित जातियों सहित सभी पिछड़े वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर एक समृद्ध और समानतापूर्ण पंजाब का निर्माण किया जाए।

ये पहलें दर्शाती हैं कि पंजाब में विकास अब केवल कागजी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक जरूरतमंद के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।

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