संविधान हत्या दिवस 2026: पीएम मोदी ने आपातकाल का किया स्मरण, लोकतंत्र के रक्षकों को दी श्रद्धांजलि

Constitution Murder Day 2026

संविधान हत्या दिवस 2026: पीएम मोदी ने लोकतंत्र के रक्षकों को किया नमन

आपातकाल को बताया भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय

संविधान हत्या दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल (Emergency) के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय था, जब संविधान, लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं पर सीधा हमला किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उस कठिन दौर में अनेक नागरिकों ने चुप रहने से इनकार किया और संविधान में निहित लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा के लिए साहस और दृढ़ता का परिचय दिया।


संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति दोहराई प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का संविधान 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि भारत संविधान की भावना के अनुरूप न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।


सोशल मीडिया पर साझा किया संस्कृत श्लोक

प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र और स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया—

“स्वातन्त्र्यात् सुखमाप्नोति स्वातन्त्र्याल्लभते परम्।
स्वातन्त्र्यान्निर्वृत्तिं गच्छेत् स्वातन्त्र्यात् परमं पदम्।।”

उन्होंने कहा कि यह श्लोक लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।


‘संविधान हत्या दिवस’ पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि संविधान हत्या दिवस हमें उस दौर की याद दिलाता है जब भारतीय लोकतंत्र को बुरी तरह कुचला गया था।

उन्होंने कहा कि यह दिवस देशवासियों को संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।

साथ ही उन्होंने आपातकाल का विरोध करने वाले सभी नेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।


आपातकाल की पृष्ठभूमि

भारत में 25 जून 1975 को आपातकाल लागू किया गया था, जो 21 मार्च 1977 तक चला।

इस अवधि के दौरान:

  • नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगाए गए।
  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई।
  • कई विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
  • लोकतांत्रिक संस्थाओं पर व्यापक दबाव देखा गया।

इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद करते हुए हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में भी याद किया जाता है।


निष्कर्ष

संविधान हत्या दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र की रक्षा करने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए संविधान के मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के संवैधानिक आदर्शों के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।

FAQs

संविधान हत्या दिवस कब मनाया जाता है?

हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में याद किया जाता है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

उन्होंने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र की रक्षा करने वालों को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री ने कौन-सा संदेश दिया?

उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता दोहराई।

आपातकाल कब लागू हुआ था?

25 जून 1975 को आपातकाल लागू किया गया था।

प्रधानमंत्री ने कौन-सा संस्कृत श्लोक साझा किया?

उन्होंने स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित एक संस्कृत सुभाषित साझा किया।

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