
*रामपुर:*16 मई , 2026
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को अदालत से एक और बड़ा झटका लगा है। रामपुर की एमपी-एमएलए (स्पेशल कोर्ट) ने तत्कालीन जिला अधिकारी (DM) पर आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी करने के मामले में आजम खां को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस मामले में उन्हें *2 साल के कारावास* की सजा सुनाई है और साथ ही *20,000 रुपये का जुर्माना* भी लगाया है।
### क्या है पूरा मामला?
यह मामला लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है, जब आजम खां रामपुर सीट से चुनाव लड़ रहे थे। भोट थाना क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा के दौरान आजम खां ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) आंजनेय कुमार सिंह पर बेहद तीखी और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
> *क्या कहा था आजम खां ने?*
> जनसभा के दौरान आजम खां का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा था— “डटे रहो, ये कलेक्टर-पलक्टर से मत डरियो, ये तनखइया हैं… अल्लाह ने चाहा तो इन्हीं से जूते साफ कराऊंगा।” इस बयान के बाद चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन और सरकारी अधिकारी को अपमानित करने के आरोप में फ्लाइंग स्क्वाड टीम द्वारा भोट थाने में आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
### अदालत की कार्रवाई और फैसला
मामले की सुनवाई रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान और साक्ष्य पेश किए गए, जबकि आजम खां के वकीलों ने इन आरोपों का खंडन किया था।
गवाहियों और वीडियो फुटेज के आधार पर कोर्ट ने आजम खां को तत्कालीन डीएम पर अमर्यादित टिप्पणी करने का दोषी माना। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उन्हें दो साल की जेल और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा मुकर्रर की।
### आजम खां की मुश्किलें बरकरार
सपा के कद्दावर नेता रहे आजम खां पहले से ही कई अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं और जेल में बंद हैं। इस नए फैसले ने उनकी कानूनी और राजनीतिक मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। आजम खां के वकीलों का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत (हाईकोर्ट) में अपील दायर करेंगे।

