मनी लॉन्ड्रिंग केस: रॉबर्ट वाड्रा को मिली बड़ी राहत, शिकोहपुर लैंड डील मामले में कोर्ट से मिली जमानत; बोले- ‘मैं निडर हूं’

 

*नई दिल्ली 15 मई: 2026

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को कथित दिल्ली-एनसीआर जमीन घोटालों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के एक मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के बहुचर्चित *शिकोहपुर लैंड डील (Shikohpur Land Deal Case)* से जुड़े धन शोधन के मामले में सुनवाई करते हुए रॉबर्ट वाड्रा को जमानत दे दी है।

जमानत मिलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए वाड्रा ने खुद को पूरी तरह से बेकसूर बताया और जांच एजेंसियों पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया।

### क्या है शिकोहपुर लैंड डील का मामला?

यह पूरा विवाद हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) के शिकोहपुर गांव में व्यावसायिक भूमि के लाइसेंस और खरीद-बिक्री में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

* *आरोप:* प्रवर्तन निदेशालय (ED) और जांच एजेंसियों का आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ‘स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी’ ने शिकोहपुर में बेहद कम दामों पर जमीन खरीदी थी। बाद में, नियमों और सरकारी प्रभाव का फायदा उठाकर इस कृषि भूमि का कमर्शियल लाइसेंस प्राप्त किया गया और इसे एक नामी रियल एस्टेट कंपनी को भारी-भरकम मुनाफे के साथ बेच दिया गया।
* *मनी लॉन्ड्रिंग का लिंक:* जांच एजेंसी का दावा है कि इस सौदे से प्राप्त अवैध मुनाफे या ‘क्राइम प्रोसीड्स’ का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेशों (विशेषकर लंदन) में बेनामी संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया।

### ‘मैं निडर हूं और मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’

अदालत परिसर से बाहर आने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने पत्रकारों से बातचीत में बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा:

> “मैं पूरी तरह से निडर हूं और मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। शिकोहपुर लैंड डील हो या कोई और मामला, मैंने हमेशा जांच में पूरा सहयोग किया है और आगे भी करता रहूंगा। देश की कानून व्यवस्था पर मुझे पूरा भरोसा है। राजनीतिक दुर्भावना के तहत मुझे और मेरे परिवार को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन मैं हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”

### अदालत का फैसला और शर्तें

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और वाड्रा द्वारा जांच में किए जा रहे सहयोग को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत दे दी। हालांकि, कोर्ट ने राहत देने के साथ ही कुछ शर्तें भी लागू की हैं:

* वे बिना अदालत की पूर्व अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।
* जांच एजेंसी जब भी पूछताछ के लिए बुलाएगी, उन्हें पेश होना पड़ेगा।

### राजनीतिक गलियारों में हलचल

रॉबर्ट वाड्रा को इस चर्चित मामले में जमानत मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सच की हमेशा जीत होती है। वहीं, दूसरी ओर विपक्षी खेमा अभी भी जमीन सौदे से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की मांग पर अड़ा हुआ है।

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