31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई की गई अंतिम तिथि, करदाताओं को बकाया निपटाने का अंतिम मौका: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़, 4 अप्रैल

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बकाया करों की वसूली के लिए पंजाब वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना 2025 की समय सीमा में दो महीने का विस्तार करने की आधिकारिक घोषणा की है। पहले यह योजना 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया गया है। पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि यह विस्तार पात्र करदाताओं के लिए अपने बकाया निपटाने और वित्तीय राहत प्राप्त करने का अंतिम अवसर है। उन्होंने चेतावनी दी कि कर विभाग ने 8,000 बकायेदारों की संपत्तियां चिन्हित कर ली हैं, जिन्हें जल्द ही नीलाम किया जा सकता है यदि वे इस अंतिम मौके का लाभ नहीं उठाते।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस योजना को राज्य भर में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। अब तक कराधान विभाग को 9,151 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस भागीदारी के परिणामस्वरूप 134.21 करोड़ रुपये की वसूली हुई है, जो राजस्व जुटाने में सकारात्मक संकेत है और करदाताओं का सरकार पर विश्वास दर्शाता है। इसके अलावा, व्यवसायों को 446.17 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की जा चुकी है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।

पूर्व की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2022–23 में OTS-2 के तहत 2,487 आवेदन प्राप्त हुए और उनका निपटारा किया गया, जबकि 2023–24 में OTS-3 के तहत लगभग 70,000 मामलों का निपटारा हुआ। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में पात्र करदाता अभी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार समय सीमा बढ़ाने का निर्णय जमीनी स्तर से मिले फीडबैक के आधार पर लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक करदाता योजना में शामिल हो सकें, लंबित विवाद कम हों और राज्य के राजस्व में वृद्धि हो।

हालांकि, मंत्री ने जानबूझकर कर न चुकाने वालों को सख्त चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि 31 मई 2026 के बाद योजना में शामिल न होने वाले करदाताओं के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कर विभाग ने पहले ही कई डिफॉल्ट मामलों की पहचान कर ली है और जरूरत पड़ने पर संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

वित्त मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पुराने कर विवादों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह पहल जहां व्यापारिक समुदाय को राहत देती है, वहीं राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाती है। सभी पात्र करदाताओं से अपील की गई है कि वे इस बढ़ी हुई समय सीमा का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द अपने बकाया का निपटारा करें, ताकि भविष्य में किसी भी सख्त कार्रवाई से बचा जा सके।

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